Showing posts with label hindi poem hindi poetry. Show all posts
Showing posts with label hindi poem hindi poetry. Show all posts

न मिले तो कयामत नहीं है

न मिले तो क़यामत नहीं है
ये न कहना मोहब्बत नहीं है
मुझको रखना सदा अपने दिल में
दूरियों से शिकायत नहीं है
दिल की बातें जुबां तक भी लाएं
अपने घर की रवायत नहीं है
क्यों परेशां हो मेरे लिए तुम
मेरी किस्मत में जन्नत नहीं है
रोज़ी रोटी की है फ़िक्र इतनी
मुझको रोने की फुर्सत नहीं है
चढ़ गये इतने चेहरे पे चेहरे
जो दिखे वो हकीकत नहीं है

संत महिमा

माया हटाते

माया हड़प जाते

संत के नाते.

मांगते भिक्षा

करे धर्म की रक्षा

संत दे शिक्षा.

फंसा माया में

संत कचहरी में

जिंदा नर्क में.

धर्म न करें

धर्म प्रचार करें

पुण्य क्या करें.

मुख में राम

तनमन हराम

यूं रोता राम.

पापी वैरागी

मठ ममता जागी

नाम का त्यागी.

रिश्ते ही रिश्ते

नफरत की आंधी में,

तारतार हुए रिश्ते.

नफरत की आग में,

झुलस गए रिश्ते.

टकराहट के घर्षण ने,

बरबाद किए रिश्ते.

दूरियां बढ़ गईं,

अजनबी हुए रिश्ते.

न हम झुके, न तुम झुके,

गुम हुए रिश्ते.

प्रेम की डोर मजबूत हो,

तभी निभेंगे रिश्ते.

सरसता और क्षमा से,

बने रहेंगे रिश्ते,

कुछ तुम सहो, कुछ हम सहें,

मधुर रहेंगे रिश्ते.

ताकत, सहारा और अभिमान,

हमारे रिश्ते.

शिकवा व शिकायत न हो,

ऐसे हों रिश्ते.

जिन का न कोई होता,

वे चाहते हैं रिश्ते.

कदर उस की समझते हैं,

निभाते हैं रिश्ते.

कुछ पल और

गुनगुनाती हुई फलक से

गिर रही हैं बूंदे

लगता है कोई बदली

तेरी पाजेब से टकराई है.

इन पैरों की रूनझुन

उतर गई दिल में

लगता है सरगम

पायल ने खुद गाई है.

हर आहट की झनक

दिल को लगे ऐसी

सोए अरमानों ने

दिल में ली अंगड़ाई है.

हर छनक खुशबू सी बन

फिजा में महकी ऐसे

लगता है वीरानें में

बहार आई है.

जमीं पर संगीत

तेरी पायल का बजा

कि अप्सरा कोई

पूजा के लिए आई है.

‘कुछ पल और’ भी

छनक जाए पायल तेरी

लगेगा ऐसे में

सुबहसुबह बांसुरी

किसी ने बजाई है.

hello

hello evary one